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Patna Student Protest:दवा लेने गया था बेटा, पुलिस उठा ले गई" - जज आवास के बाहर परिजनों का फूटा गुस्सा, छात्र गिरफ्तारी पर कई सवाल

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Alam Ki Khabar: पटना छात्र प्रदर्शन मामले में गिरफ्तार छात्रों के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कई अभिभावकों का दावा है कि उनके बच्चे प्रदर्शन में शामिल नहीं थे। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की गई है।

पटना, 28 जुलाई। आलम की खबर: राजधानी पटना में छात्र आंदोलन के बाद हुई गिरफ्तारियों को लेकर रविवार देर रात जज आवास के बाहर भावुक और तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों की जानकारी और रिहाई की उम्मीद में घंटों तक बाहर डटे रहे। कई परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया कि उनके बच्चे प्रदर्शन में शामिल नहीं थे, फिर भी उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

एक पिता ने बताया कि वह बीमार हैं और उनका बेटा दवा लाने के लिए घर से निकला था। उनके अनुसार रास्ते में पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उनके बेटे के साथ मारपीट की गई, जिससे वह ठीक से चल भी नहीं पा रहा है। एक अन्य अभिभावक ने दावा किया कि उनका बेटा एसपी वर्मा रोड पर लैपटॉप खरीदने गया था, लेकिन उसे भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

जज आवास के बाहर मौजूद कुछ अन्य लोगों ने भी इसी तरह के आरोप लगाए। किसी ने कहा कि उसका भाई सब्जी खरीदने गया था, तो किसी ने दावा किया कि उसका दोस्त किताब लेने गांधी मैदान पहुंचा था, लेकिन पुलिस ने उसे भी हिरासत में ले लिया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

परिजनों का आरोप है कि गिरफ्तार छात्रों को 30 से 35 घंटे तक अलग-अलग थानों में रखा गया और उन्हें सही जानकारी नहीं दी गई। उनका कहना है कि वे कभी गांधी मैदान थाना तो कभी दूसरे थानों का चक्कर लगाते रहे, लेकिन किसी स्तर पर स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। कुछ लोगों ने पुलिस पर अभद्र व्यवहार करने का भी आरोप लगाया।

रविवार देर रात गिरफ्तार छात्रों को न्यायिक प्रक्रिया के लिए छज्जूबाग स्थित जज आवास लाया गया। मेडिकल जांच के बाद बालिग छात्रों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में बेऊर केंद्रीय कारागार भेज दिया गया। नाबालिग छात्रों के मामले में अलग प्रक्रिया अपनाई गई।

पुलिस के अनुसार पूरे मामले में 24 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इनमें 285 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है, जबकि लगभग छह हजार अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों की भूमिका साक्ष्यों में सामने आएगी, उनके खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

गौरतलब है कि 22 और 25 जुलाई को नीट पेपर लीक और अन्य छात्र मुद्दों को लेकर पटना में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प तथा पथराव की घटनाएं भी सामने आई थीं। इसी मामले में पुलिस लगातार जांच और गिरफ्तारी की कार्रवाई कर रही है।

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इस पूरे मामले में दो अलग-अलग पक्ष सामने हैं। एक ओर पुलिस का कहना है कि सभी गिरफ्तारियां तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की गई हैं। दूसरी ओर कई परिजन अपने बच्चों को निर्दोष बताते हुए कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में मामले की सच्चाई न्यायिक प्रक्रिया और निष्पक्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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